Mirzapur 2 Story in Hindi- मिर्ज़ापुर 2 की कहानी - bollywoodgyaani

Mirzapur 2 Story in Hindi- मिर्ज़ापुर 2 की कहानी


दोस्तों, दिन प्रतिदिन OTT  platforms  में बहुत सी वेब- सीरीज रिलीज़ हो रही है। कई वेब-सीरीज फ्लॉप हो जाती है, लेकिन कई वेब-सीरीज दर्शको के दिल में अपने लिए एक जगह बना लेती है। उनमे से एक वेब-सीरीज “Mirzapur” है। Mirzapur वेब-सीरीज 16 नवंबर 2018 को ‘अमेज़न प्राइम वीडियो’ पर रिलीज़ हुआ था। इस वेब-सीरीज को एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित की गयी है। यह एक क्राइम थ्रिलर वेब- सीरीज है. Mirzapur सीज़न 1 में कुल 9 एपिसोड्स है, जिसमे पूरी कहनी ड्रग्स, डॉन-माफिया के इर्द-गिर्द घूमती है. आज हम मिर्ज़ापुर 2 की कहानी (Mirzapur 2 Story in Hindi) की कहानी के बारे में याद करेंगे।

यह वेब- सीरीज के आने के तुरंत बाद ही लोग इस वेब-सीरीज के फैंस बन गए। कुछ दिन दिनों के बाद Mirzapur 2 रिलीज़ होने वाला है, आज हम Mirzapur 2 की कहानी के ऊपर चर्चा करेंगे। 

Mirzapur 2 star cast-

  • Ali Faizal as Guddu Pandit
  • Vikrant Messey as Bablu Pandit
  • Pankaj Tripathi as Ahandanand Tripathi
  • Divyenndu as Phoolchand Tripathi 
  • Shweta Tripathi as Gajgamini Gupta
  • Harshita Gaur as Dimpy 
  • Shriya Pilgaonkar as Sweety Gupta
  • Rasika Duggal as Beena Tripathi


दोस्तों,
 Mirzapur 2 की कहानी के बारे में चर्चा करने से पहले, हम एक बार Mirzapur 1 की कहानी के बारे में जान लेते है.

Mirzapur Season 1 की कहानी-

यह कहानी है ‘Mirzapur’ के राजा ‘अखण्डानन्द त्रिपाठी’ उर्फ़ ‘कालीन भैया’ की. कालीन भैया मिर्ज़ापुर के सबसे बड़े डॉन है, जो इस शहर में कालीन बेचने के बहाने वहां भर ड्रग्स और बंदूके का कारोबार करते है. कालीन भैया के परिवार में शामिल है- उनके पिता ‘सत्यानंद त्रिपाठी’, उनके बेटे ‘फूलचंद त्रिपाठी’ और उनकी दूसरी पत्नी ‘बिना त्रिपाठी’. 


सब कुछ सही चल रहा था, लेकिन एक रात मुन्ना भैया एक बारात में जाकर गलती से एक दूल्हे को गोली मार देते है. अपने बेटे को इन्साफ दिलाने के लिए उस मरे हुए दूल्हे के पिता और चाचा, एक ईमानदार वकील ‘रमाकांत पंडित’ से मदद मांगते है. रमाकांत पंडित के परिवार में शामिल है- उनकी पत्नी और तीन बच्चे- गुड्डू, बबलू और डिम्पी.


कालीन भैया किसी काम में व्यस्त होने के कारण अपने बेटे को उस दूल्हे के मर्डर वाले केस को सुलझाने के लिए बोलते है. मुन्ना उस वकील के घर जाकर अपने बन्दूक से उनके परिवार को धमकाता है. गुड्डू पहले मुन्ना भैया की बहुत इज़्ज़त करता था, लेकिन अपने पिता को डरा हुआ देखकर गुड्डू और बबलू उन आदमियों को मारकर अपने घर से भगा देते है. 

जब यह बात कालीन भैया को पता चलती है, तब वह अपने साथी  ‘मकबूल’ को भेजकर उन दोनों को अपने घर बुलवाते है. कालीन भैया उन दोनों से बिलकुल गुस्सा नहीं है, बल्कि वह उन दोनों के बहादुरी को देखते काफी प्रसन्न होते है. कालीन भैया उन दोनों को अपने कारोबार में शामिल होने के लिए बोलते है. 
मुन्ना को इस बात से काफी तकलीफ होती है. कालीन भैया के कहने के मुताबिक़, गुड्डू और बबलू अपने पिता को वह केस लेने से मना करते है. गुड्डू, बबलू और डिम्पी एक ही कॉलेज में पढ़ते है. 

गुड्डू को डिम्पी की सहेली ‘स्वीटी’ काफी पसंद है. स्वीटी को भी गुड्डू अच्छा लगता है. मुन्ना भैया को भी स्वीटी पसंद है लेकिन स्वीटी को मुन्ना भइया पसंद नहीं है. स्वीटी के पिताजी कालीन भैया के इशारो में नाचने वाले पुलिस है. गुड्डू और बबलू के कहने के बावजूद भी उनके पिता यह केस लेने से इंकार नहीं करते है. इसलिए वे दोनों उस मरे हुए दूल्हे के परिवार के पास जाते है. 


रतिशंकर मुन्ना को मारने के लिए कुछ लोगो को भेजता है, लेकिन मुन्ना बच जाता है और उन लोगो को मार देता है. रतिशंकर के बेटे ‘शरद’ को अपने पिता के कारोबार में कोई दिलचस्पी नहीं है. गुड्डू और बबलू को हथियारों के कारोबार को बढ़ाने का काम मिलता है. 


कालीन भैया वहां के एक नेता ‘जे. पी. यादव के चुनाव के लिए पैसा इकट्ठे करने के लिए मिर्ज़ापुर के बहार जाते है. लेकिन वापसी के वक्त उनके ऊपर कुछ लोग हमला कर देते है. कालीन भैया उस हमले से बच जाते है, और किसी तरह से रतिशंकर के भेजे हुए दो लोग है. कालीन भैया को किसी तरह से यह बात पता चल जाता है कि, रतिशंकर कालीन भैया के पुरे परिवार को खत्म करना चाहता है.

एक और कालीन भैया अपने पुरे परिवार को बचने के लिए पूरी कोशिश कर रहे है और दूसरी तरफ उनकी दूसरी पत्नी ‘बिना’ अपने घर के नौकर के साथ नाजायज़ सम्बन्ध बना रही होती है. कॉलेज के एक चुनाव में मुन्ना भैया के खिलाफ कोई खड़ा नहीं होना चाहता था. लेकिन प्रिंसिपल के बहुत समझने के बाद गोलू गुप्ता इस चुनाव में खड़ा होने के लिए मान जाती है. 

मुन्ना भैया अपने दोस्तों के साथ एक फिल्म देखने जाता है. वहां पर मुन्ना भैया के एक दोस्त उनसे कहते है कि अगर मुन्ना को Mirzapur पर राज करना है तो सबसे पहले उन्हें कालीन भैया को मारना होगा। यह बात सुनकर मुन्ना गुस्सा हो जाता है. 

गुड्डू और बबलू की वफादारी जांच करने के लिए, मकबूल उन दोनों से कालीन भैया के एक दुश्मन को गोली मरवाता है. उनके दुश्मन को मरकर वे दोनों अपनी वफादारी को सही साबित करते है. गुड्डू की हिम्मत और बबलू का दिमाग देखकर कालीन भैया अब उन दोनों को अपने अफीम के कारोबार में शामिल कर लेते है. 

Mirzapur में खून खराबे को देखकर, सरकार उस शहर में एक होनहार पुलिस – ‘इंस्पेक्टर मौर्या’ को भेजती है. चुनाव होने से पहले होली के अवसर में कालीन भइया, जे. पि. यादव और रतिशंकर शुक्ला के साथ बात- चीत करते है. लेकिन इस बात- चीत के दौरान जे. पि. यादव और मुन्ना के बीच झगड़ा हो जाता है. 


यह बात से कालीन भैया बिलकुल खुश नहीं होते है. कालीन भैया मुन्ना को समझकर उसे अपने घर भेज देते है. यह बात देखकर, जे. पि. यादव बिलकुल खुश नहीं होता है. उसे लगता है की, कालीन भैया मुन्ना के पक्ष लेकर उसका बेइज़त्ती किये है. क्युकी यादव को सिर्फ पैसे से मतलब था, इसलिए वह और रतिशंकर मिलकर कालीन भैया को चुनाव में निचे गिराने के बारे में सोचते है. गुड्डू और बबलू की तरक्की को देखकर, मुन्ना भैया को शर्मंदगी महसूस होती है. 


इसलिए वह गुड्डू और बबलू की बहन ‘डिम्पी’ को उसके घर से उठा लेते है. वह उसे कही लेकर जा रहे होते है, इसी बीच में गुड्डू और बबलू आ जाते है. दोनों में झगड़ा होने की वाला होता है, की मकबूल आकर उन सबको कालीन भैया के पास लेकर चल जाता है. कालीन भैया उन सबको किसी तरह से समझा लेते है. 

कुछ समय बाद, गुड्डू और बबलू अपने घर जा रहे होते है कि, उनपर पुलिस के लोग हमला कर देते है. उसे बचकर वे दोनों इस बात की खबर कालीन भैया को दे देते है. मुन्ना भैया अपने बेइज़्ज़ती का बदला लेने के लिए अपने पिता ‘कालीन भैया’ को मारने के लिए अपने दोस्त ‘कम्पाउंडर’ को भेजता है.

लेकिन कालीन भैया किसी तरह से बचकर उसको पकड़ लेते है. कालीन भैया इस बात की खबर मुन्ना को देते है. बात- चीत करते वक्त कालीन भैया मुन्ना को उसको मारने के लिए बोलते है. अपनी वफादारी दिखते हुए, कम्पाउंडर मुन्ना के हाथो मारा जाता है. 

पुलिस से बचने के लिए गुड्डू और बबलू मिर्ज़ापुर छोड़कर किसी गाँव में चले जाते है. लेकिन रास्ते में उन्हें रतिशंकर मिल जाता है. गुड्डू पंडित उस समय रतिशंकर शुक्ल को गोली मार देता है. 

कुछ पूछ ताछ करने के लिए इंस्पेक्टर मौर्या कालीन भैया के घर जाते है. लेकिन तभी कालीन भैया को खबर मिलती है कि, गुड्डू ने रतिशंकर शुक्ला को मार दिया। 

Mirzapur आने के बाद, गुड्डू पंडित अपने प्रेमी स्वीटी के साथ शादी कर लेता है. कालीन भैया के पिता को, उनकी बहु और उनके नौकर के बीच सम्बन्ध के बारे में पता चल जाता है. कालीन भैया को लगता है की, उनपर हमला गुड्डू और बबलू ने कराया था. 

कालीन भैया अपने बेटे ‘मुन्ना’ के साथ उन दो भाइयो को को मारने की योजना बनाते है. गुड्डू और बबलू के पुरे परिवार लाला की बेटी की शादी में जाते है. इसी बीच स्वीटी गुड्डू को खुश खबरि देती है कि, वह माँ बनने वाली है. 

तभी उस शादी में मुन्ना अपने आदमियों के साथ आकर सस्वीटी और बबलू पंडित को मार देता है. मौका देखकर, गोलू और डिम्पी ज़ख़्मी गुड्डू को वहां से भाग जाते है. कालीन भैया के पिता  अपने बहु के साथ सम्भोग करते है और कालीन भैया पुलिस के आदमियों को मारकर इंस्पेक्टर मौर्या को यह दिखा देते है कि, वह मिर्ज़ापुर के सबसे बड़े डॉन है.

Mirzapur 2 trailer release date- 

मिर्ज़ापुर २ का ट्रेलर 6 अक्टूबर को यूट्यूब पर रिलीज़ कर दिया गया है. इस ट्रेलर को दर्शको के द्वारा बहुत प्यार दिया गया है. 

Mirzapur 2 release date and time-

Mirzapur 2 23 अक्टूबर 2020 को ‘Amazon Prime Video’ पर रिलीज़ किया जायेगा। ऐसा माना जा रहा है कि, यह सीरीज़ को ठीक रात 12 बजे रिलीज़ किया जाएगा। 

मिर्ज़ापुर २ की कहानी / Mirzapur Story in Hindi – 

Mirzapur 1 के अंत में, हम देखते है की, मुन्ना भैया लाला के दामाद को मार देता है. डिम्पी और गोलू गुप्ता गुड्डू भैया को उस शादी से बचाकर किसी जगह लेकर चले जाते है. 

अगर हम सूत्रों की माने तो, उस शादी में मुन्ना भैया लाला की बेटी को भी मार देंगे। इसलिए लाला मुन्ना से बदला लेने के लिए गुड्डू पंडित की मदद करेंगे। 

कालीन भैया Mirzapur की गद्दी सम्हालने मुन्ना भैया को दे दिया है. मुन्ना भैया के मैं में जो आता है, वह वही वही करते है.

सीज़न 1 के अंत में, हमे दिखाया जाता है की कालीन भैया इंस्पेक्टर मौर्या को पकड़ लेते है और जान से मारने की बात करते है. लेकिन सीज़न 2 का ट्रेलर देखकर हमे यह बात पता चल जाता है कि, वह ज़िंदा है और उनसे बदला लेने की सोच रहे है.

शरद शक्ला अपने पिता जी ‘रतिशंकर शुक्ला’ की मौत का बदला लेने के लिए मुन्ना भइया से हाथ मिला ताकि वह गुडू पंडित को मार सके. 

अंत में, गुड्डू पंडित, शरद शुक्ल और मुन्ना भैया को पकड़ लेंगे और जान से मारने वाले होंगे। लेकिन वे दोनों किसी तरह से बचके चले जायेंगे, और सीज़न 2 इसी सीन में ख़तम हो जायेगा।

तो दोस्तों, यह Mirzapur Season 2 की कहानी हो सकती है. यह तय है कि, Mirzapur Season 2 के बाद Mirzapur Season 3 पक्का आएगा। आप अपनी राय हमे कमेंट बॉक्स के माध्यम से बता सकते सकते है.



No Comments, Be The First!

Your email address will not be published.